आ गए उसी मोड़ पर जिसकी इंतज़ार थी। इस 'अंतरजाल' में अपनी राष्ट्रभाषा में लिख पाना कितनी खुशी की बात है।
भाषाओँ के संरक्षण के लिए (ख़ास तौर से छोटी भाषाओँ के लिए) गूगल द्वारा उठाये गए ऐसे कदम बहुत ही फायदेमंद साबित होंगे।
अब इस चित्रपट पर और भी तसवीरें बनाई जाएँगी, और भी रंगों का बहार आएगा। काश अपनी मातृभाषा में लिखने की सुविधा उपलब्ध होती!
1 comment:
:)
Post a Comment